5 Rules for Success

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सफलता के पांच सूत्र

I have not failed. I’ve just found 10,000 ways that won’t work.” – Thomas A. Edison

Life  में  Success  सभी चाहते हैं, लेकिन यह सबको मिलती कहां है? कई बार तो यह अच्छी Education और पर्याप्त मेहनत के बाद भी नहीं मिलती। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि लोग अपने लिए गलत Field चुन लेते हैं। जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास होता है, तब तक काफी देर हो जाती है और वे अपने साथ वाले से Career की रेस में पीछे हो जाते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित करने से लेकर सक्सेस मिलने तक हर कदम पर अपनी इंटेलिजेंस को यूज करें। अगर इन पांच प्वॉइंट्स पर फोकस करेंगे, तो आपको सफलता आसानी से मिल जाएगी  :


सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करें


अगर हम सक्सेसफुल पर्सनैलिटीज की बात करें, तो उन्होंने पहले अपना गोल डिसाइड किया और फिर उस दिशा में काम शुरू किया। आप भी इस फार्मूले को अपना सकते हैं। अपना गोल, अपनी स्ट्रैंथ, इंट्रेस्ट और प्रॉयरिटी के बेस पर तय करें। हम यह काम कर सकते हैं? हमारी रुचि इसमें है या नहीं? हमारी प्रॉयरिटी में इसका क्रम क्या है? इनके आंसर खुद से पूछें। जो जवाब आए, उसके आधार पर ही अपना टारगेट डिसाइड करें।

काम की रणनीति बनाये
लक्ष्य निर्धारित करने के बाद सेकंड स्टेप में उसे हासिल करने के लिए वर्क स्ट्रैटेजी बनानी है। इसी वर्क स्टै्रटेजी के बेस पर सक्सेस तक पहुंचना है। स्ट्रैटेजी बनाते समय अपनी कैपेसिटी को ज्यादा या कम नहींआंकना चाहिए। यह रणनीति रियलिटी पर निर्धारित होगी, तभी अच्छा रिजल्ट मिलेगा। वर्क स्ट्रैटेजी बनाने में आप किसी एक्सपर्ट या सीनियर की हेल्प ले सकें, तो रिजल्ट और भी अच्छा मिल सकता है। ध्यान रखें कि वर्क स्ट्रैटेजी, आपके वर्क शिड्यूल से मैच करे और कहीं से भी वह आपकी वर्क कैपेसिटी से ओवर न हो। इस प्वॉइंट पर हम जितनी ईमानदारी बरतेंगे, सफलता की मंजिल उतनी ही करीब आती जाएगी।

अपने कमजोर कड़ी को पहचाने


टारगेट डिसाइड करने और वर्क स्ट्रैटेजी बनाने के बाद अब अपनी उन कमियों को दूर करने की कोशिश करें, जो सक्सेस में बाधा बन सकती हैं। समझदारी से काम लेते हुए अपने वीक प्वॉइंट्स पहचानें। फ्रेंड्स, गार्जियन या टीचर की मदद लें, जिनसे आपको अपनी कमियां जानने में मदद मिलेगी। अपने आप से क्वैश्चन करें कि क्या ये कमियां हमारी सक्सेस में बाधा बन सकती हैं? अगर आंसर हां हो, तो स्ट्रैटेजी में थोडा बदलाव करते हुए पहली प्रॉयरिटी इन वीक प्वॉइन्ट्स को दूर करने की बनाएं।

कठिन समय में सोच-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है, इसीलिए बड़े निर्णय करने में जल्दबाजी न करें, व्यक्ति को समझदारी से काम लेना चाहिए

अपनी गलतियों की एनालिसिस करें

जब आप अपना वर्क जज करना शुरू करेंगे, तो बहुत सी गलतियां आपके सामने आने लगेंगी। इन मिस्टेक्स को नजरअंदाज न करें। गलतियों को इग्नोर करना सबसे बडी मिस्टेक है। मिस्टेक्स क्यों हो रही हैं, इस पर ध्यान दें और पूरे प्रिपरेशन के साथ इन्हें दूर करें।
आप अगर पूरी ईमानदारी से इस दिशा में मेहनत के साथ काम करेंगे, तो सफलता ज्यादा दिनों तक आपसे दूर नहीं रह सकती है। सबसे पहले हो रही बडी मिस्टेक्स को दूर करें क्योंकि अगर ये ठीक हो गई, तो छोटी मिस्टेक तो खुद ब खुद दूर हो जाएंगी। जल्द सैटिस्फाइड न हों शुरुआती सक्सेस से ही हम सैटिस्फाइड हो जाते हैं और वर्क को लेकर रिस्पॉन्सिबिलिटी कम कर देते हैं। जबकि लॉन्ग टाइम सक्सेस के लिए तब तक सैटिस्फेक्शन नहीं होना चाहिए, जब तक फाइनल गोल न मिल जाए।

कार्य के प्रोग्रेस का मूल्यांकन करें
स्टेप-बाय-स्टेप स्ट्रैटेजी डेवलप करने के बाद अब मंजिल की तरफ कदम रखें। फाइनल गोल के लिए हम जो तैयारी कर रहे हैं, क्या वह सही दिशा में चल भी रही है या नहीं? यह भी जज करना जरूरी है। अगर हमें यही नहीं पता होगा, तो मुमकिन है कि आखिरी पलों में हमारी रफ्तार कम हो जाए। इससे बचने के लिए एक निश्चित समय के बाद अपनी तैयारी को खुद या किसी सीनियर से टेस्ट कराएं। इससे आपको पता चल जाएगा कि फाइनल स्टेज तक पहुंचने के लिए कितना प्रयास करने की जरूरत है।

समय कभी भी बदल सकता है, सुख-दुख आते-जाते रहते हैं

“You never fail until you stop trying.”-Albert Einstein

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