समय कभी भी बदल सकता है, सुख-दुख आते-जाते रहते हैं

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प्रचलित लोक कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजकुमार शिक्षा के लिए आश्रम जाते समय रोज एक वृद्ध व्यक्ति को भीख मांगते हुए देखता था। वह वृद्ध रास्ते पर बैठा रहता और आने-जाने वाले लोगों से धन और खाना मांगता था। उसे ठीक से खाना नहीं मिल पाता था, इस वजह से बहुत ही दुबला-पतला हो गया था, उसके कपड़े भी बहुत गंदे रहते थे।


राजकुमार के पास सुख-सुविधा की हर चीज थी, लेकिन वह उस वृद्ध व्यक्ति को पसंद नहीं करता था। एक दिन उसने भीख मांगने वाले व्यक्ति से कहा कि तुम्हारे पास कुछ नहीं है, भीख मांगते हो, तुम जीना क्यों चाहते हो? भगवान से ये प्रार्थना क्यों नहीं करते कि तुम्हें जल्दी उनके पास बुला ले?
वृद्ध व्यक्ति ने कहा कि मैं रोज सुबह-शाम भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि ये जीवन मेरे किसी काम का नहीं है, मुझे अपने पास बुला लें, लेकिन भगवान मेरी प्रार्थना नहीं सुनता है। शायद भगवान चाहता है कि मैं इसी दुनिया में रहूं और यहां रहने वाले लोग मुझे देखकर ये समझ सके कि समय कभी भी बदल सकता है। कभी मैं भी तुम्हारी तरह ही धन था। मेरे पास भी सुख-सुविधाएं थीं, लेकिन मैंने कभी किसी मदद नहीं की, मुझे मेरे रूप-रंग और धन पर घमंड था। अब मेरा सबकुछ बर्बाद हो गया है, मेरे पास खाने के लिए खाना नहीं है, कपड़े नहीं है। मुझे देखकर सभी को ये बातें समझनी चाहिए कि कभी भी घमंड न करें, सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, समय कभी भी बदल सकता है।

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